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इंदौर जिले में जरूरतमंदों के कोरोना के निशुल्क इलाज के लिये आयुष्मान से जोडे गये 56 निजी चिकित्सालय

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डीएनयु टाईम्स (ब्यूरो रिपोर्ट, इंदौर)

 

इंदौर जिले में जरूरतमंदों के कोरोना के निशुल्क इलाज के लिये आयुष्मान से जोडे गये 56 निजी चिकित्सालय

इंदौर 06 जनवरी, 2022

      इंदौर जिले में आयुष्मान कार्डधारियों के निशुल्क इलाज के लिये 56 निजी चिकित्सालयों को जोड़ा गया है। आयुष्मान से जुड़े अस्पताल संचालकों को निर्देश दिये गये है कि वे कार्डधारियों का पूरी तरह से निशुल्क इलाक करें। उनसे किसी तरह की राशि नहीं लें। शुरूआत में इन अस्पतालों के 30 प्रतिशत बिस्तरों को कार्डधारियों के लिये आरक्षित किया गया है। आवश्यकता के अनुसार इसे और भी बढ़ाया जायेगा। इसके साथ ही 13 शासकीय अस्पतालों में भी आयुष्मान कार्डधारियों का निशुल्क इलाज होगा।

      यह जानकारी आज यहां आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों में नियुक्त प्रभारियों एवं आयुष्मान मित्रों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में दी गई। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर कलेक्टर श्री अजयदेव शर्मा तथा श्री अभय बेडेकर विशेष रूप से मौजूद थे। आयुष्मान भारत निरामयम अंतर्गत मुख्यमंत्री कोविड 19 उपचार की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री कोविड उपचार योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों का कोरोना का पूर्णत: नि:शुल्क उपचार कराना राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस योजना का संवेदनशीलता तथा प्रभावी क्रियान्वयन के लिये कलेक्टर श्री मनीष सिंह के निर्देशन में इंदौर जिले में विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। इसी के तहत आर्थिक रूप से कमजोर ऐसे मरीज जिनके पास आयुष्मान के कार्ड हैं, उनके नि:शुल्क इलाज के लिये जिले के 56 अशासकीय अस्पतालों को आयुष्मान योजना से जोड़ा गया है। इन अस्पतालों में मरीजों का कोरोना संबंधी पूरी तरह नि:शुल्क उपचार सुनिश्चित किया जायेगा।

      आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। निर्देश दिये गये कि कोई भी अस्पताल आयुष्मान योजना के कार्डधारियों से किसी भी तरह की राशि नहीं लें। उनका पूरी तरह नि:शुल्क उपचार करें। कोरोना मरीज आते ही उन्हें तत्काल एडमिट करें। अस्पताल में भर्ती करने से उन्हें मना नहीं किया जाये। संदिग्ध मरीज जिनकी रिपोर्ट पॉजीटिव नहीं आयी है और उन्हें गंभीर रूप से लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो भी आवश्यकतानुसार उनका इलाज भर्ती कर तुरंत शुरू किया जाये। सभी अस्पताल कोरोना के इलाज के लिये सुविधा तथा संसाधनयुक्त  है। सभी अस्पताल कोरोना की तीसरी लहर की हर परिस्थिति से निपटने के लिये तैयार रहें। वे यह सुनिश्चित करें कि ऑक्सीजन प्लांट पूरी तरह कार्य कर रहा है। अगर किसी कारणवश उसमें खराबी आती है तो उसकी हर समय मरम्मत की व्यवस्था तैयार रखी जाये।

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